आतंकवाद विरोधी दिवस (21-05-2020)

कोई भी आतंकवादी कार्य मानवता पर हमला है और विश्व के सभी धर्मों के बुनियादी लोकाचार के विरुद्ध है। आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक, भारत ने दुनिया में कहीं भी होने वाली हिंसा के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है। कई धर्मों और संस्कृतियों का समूह होने के नाते, भारत ने युगों से अहिंसा, धर्म और प्रज्ञा के दर्शन के माध्यम से हिंसा के बर्बर कार्यों के विरुद्ध प्रचार किया ।

आतंकवाद विरोधी दिवस उन निर्दोष पीड़ितों और सैनिक बलों के साथ एकजुटता प्रकट करने का अवसर है, जिन्होंने इन अमानवीय कृत्यों में अपना जीवन बलिदान कर दिया और जिनके परिवारों को अपूर्णीय क्षति पहुंची है। यह दिवस किसी भी प्रकार की घृणा या हिंसा के खिलाफ एकजुट होने का दृढ़ संकल्प है।

हर साल 21 मई आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन, रक्षा संपदा संगठन के अधीन सभी कार्यालयों और छावनी बोर्डों में आतंकवाद विरोधी शपथ ली जाएगी। यद्यपि, प्रतिभागियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और सार्वजनिक सभा से बचने के लिए, पदाधिकारियों को सलाह दी जाती है कि वे स्वयं अपने कमरों / कार्यालयों में ही आतंकवाद विरोधी शपथ लें।

शपथ

हम भारतवासी अपने देश की अहिंसा एवं सहनशीलता की परम्परा में दृढ़ विश्वास रखते हैं तथा निष्ठापूर्वक शपथ लेते हैं कि हम सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करेंगे । हम मानव जाति के सभी वर्गों के बीच शान्ति, सामाजिक सद्भाव तथा सूझबूझ कायम करने और मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुंचाने वाली विघटनकारी शक्तियों से लड़ने कि भी शपथ लेते हैं।